जिंदगी और मौत की लड़ाई से कोई नहीं बच सका है। अपनो को खोना जितना दर्दनाक होता है उसका ज़ख़्म भी उतना ही गहरा भी होता है। तो क्या इस ट्रॉमा से बाहर निकलने का कोई तरीक़ा है?
“वह खेदित मन वालों को चंगा करता है, और उनके शोक पर मरहम- पट्टी बान्धता है”
परमेश्वर के इस वचन को जब मैंने पढ़ा तो दिल में बहुत शांति मिली। अपनो को खोने के दुःख से निपटने का कोई सही या गलत तरीका नहीं होता। हलाकि शोक से उभरने के लिए कुछ टिप्स जरुर हैं।
मौत कोई ख़ुशी की बात तो नहीं है और ना ही कोई भी अंतिम संस्कार में जाना पसंद करता है। लेकिन कभी कभी शोक व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं और दिल भर आता है। खासकर आज कल कोरोना की वजह से चोरों तरफ़ दुःख और मातम हो रहा हैं। हमने अपनो को खोने का ग़म क्या होता हैं यह कई विडियो और तस्वीरो में भी देखा, ऐसा काल और समय शायद ही किसी ने पहले देखा हो! यदि आप के जीवन में भी किसी प्रकार का दुःख आया है तो हम परमेश्वर से दुआ करते हैं की वह आपको शांति प्रदान करे।
1. इनकार नहीं करना: अपने दुःख को स्वीकार करें और उसका इनकार ना करें। आपके मन को हकीकत से सामना करने में मदद होंगी।
2. आप अकेले नहीं: मौत सबके जीवन में आती है, वह तो ना जाती, देश, धर्म किसी भी प्रकार का भेद भाव नहीं करती। इसलिए आप इस दुःख में अकेल नहीं।
3. थोड़ा समय देना है: किसी भी ट्रॉमा से बहार निकलने में थोड़ा समय जरुर लगता हैं इसलिए समय देना जरुरी हैं और यह सच बात है कि वक़्त घाव को भरने में मदद जरुर करता है।
4. अपनो का साथ: अपनो का साथ और अन्य संस्थांए जैसे मनोचिकित्सक इसमे आपकी मदद कर सकते हैं।
5. अपना ध्यान रखे: अपनी सेहत का ख्याल जरुर रखे, ठीक से खाना खाएँ, दिन में थोड़ी डर वॉक करें, ऐसे काम में मन लगाएँ जिससे आपको ख़ुशी मिलती है।
एक गीत अक्सर मेरे ज़ेहन में आता है, कुछ ऐसे है उसके बोल
मौत की वादी जब आयेगी
मैं ना होऊँगा परेशान
क्योंकि बाप ने मुझसे कहा
“मैं हूँ तेरा निगेहबान”!
जिस प्रकार कोई पिता अपने छोटे बच्चे को अपने हाथो में उठाता हैं , वैसे ही हमारा आसमानी खुदा, परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह हमारी चिंता करता हैं और हमारे हर दुःख सुख का साथी है। क्या आपने अपने दुखों के बोझ को यीशु मसीह पर डाल दिया है?
अगर आपको मदद की ज़रूरत है तो नयिमंज़िल के साथ जुड़ें।
क्या आप बिना कुछ काम किए भी हर समय थका हुआ महसूस करते हो? कई…
आपने अपनी मनोकामना को पूरी करने के लिए क्या क्या किया है? हम अपनी मनोकामना…
प्यार के बिना ज़िंदगी का कोई मतलब नहीं है पर यह भी सच है कि…
“क़िस्मत का लिखा कोई नहीं मिटा सकता।” “ये तो नसीबों की बात है।” क्या हमारी…
ये बात सच है कि "कल किसने देखा है" पर भविष्य की तैयारी और योजना…
ट्रैन पटरी से उतरने की दुर्घटना में, घायल हुए 1000 से भी ज़्यादा लोग। इस…